बुधवार, 8 दिसंबर 2021

नीति के दोहे मुक्तक

द्वारा : अशर्फी लाल मिश्र 

Asharfi Lal Mishra










विश्व मानवाधिकार दिवस (10  दिसंबर )

अनेकता में एकता, राष्ट्र  की यह पुकार। 
अर्थ होये या समाज, हो उन्नति अधिकार।।

                    समर्थ 

समर्थ सदा उसे कहें,घमण्ड पास न कोय। 
महिला वृद्ध बच्चों की, सुरक्षा करता होय।।


कवि : अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर ,कानपुर। 


सोमवार, 6 दिसंबर 2021

सशस्त्र सेना झंडा दिवस (7 दिसंबर)

 द्वारा: अशर्फी लाल मिश्र

Asharfi Lal Mishra






दोहा: दल सशस्त्र झंडा दिवस, खुलकर दीजै दान।

        शहीद   अपंग   परिवार, होय महा  कल्यान ।।


कवि:अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।

रविवार, 5 दिसंबर 2021

ओमीक्रोन वायरस

 द्वारा : अशर्फी लाल मिश्र


Asharfi Lal Mishra






ओमीक्रोन वायरस

कोरोना    ओमीक्रोन , सदा ही सावधान।

मॉस्क अरु दूरी रखना,केवल एक निदान।।


कवि: अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर,कानपुर।

शुक्रवार, 3 दिसंबर 2021

नीति के दोहे (फ़ास्ट फ़ूड)

 द्वारा: अशर्फी लाल मिश्र

अशर्फी लाल मिश्र






फ़ास्ट फूड (Fast food)


फ़ास्ट फ़ूड  सेवन करे, ताहि मुटापा होय।

शरीर का पौरुष घटे, रोग अस्थमा सोय।।


©कवि : अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर,कानपुर।

गुरुवार, 2 दिसंबर 2021

नीति के दोहे मुक्तक

 द्वारा : अशर्फी लाल मिश्र

अशर्फी लाल मिश्र






चिंता

ज्यादा चिंता जो करै, रक्त चाप बढ़ जाय।

बिनु अग्नी जीवित जलै, जग में होत हसाय।।

भ्राता

बड़ा भ्राता पिता तुल्य,छोटा पूत समान।

भ्राता से न बैर कभी, दौलत ओछी जान।।


©कवि :अशर्फी लाल मिश्र,अकबरपुर,कानपुर।

मंगलवार, 30 नवंबर 2021

मुस्कान

द्वारा : अशर्फी लाल मिश्र 

खांड   सीठी ,  चीनी    सीठी, 
जब से देखी मुस्कान मिठाई।
तन  मन  में   वह  रम   गई, 
ऐसी  है वह मुस्कान मिठाई।। 

सोवत  जागत   भूले   नाहीं,
ऐसी मीठी मुस्कान मिठाई। 
ग्राहक भी स्वयं बिका बिका,
ऐसी है वह अमूल्य मिठाई।।

कवि : अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर ,कानपुर।  

गुरुवार, 18 नवंबर 2021

केश सज्जा

द्वारा : अशर्फी  लाल मिश्र 


बिखरे बाल बरबादी , बंधे बाल खुशाल। 

कटे बाल सम भाव के ,ऐसा केशन हाल।।


कवि : अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर ,कानपुर। 

भार्गव राम खण्डकाव्य - 47

  लेखक : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर। अशर्फी लाल मिश्र (1943---) मुनि सतानंद की अनुमति पाय, धीरे धीरे चल पड़ी जनक लली। अनुगामी हो गईं थ...