मंगलवार, 21 जनवरी 2020
बुधवार, 8 जनवरी 2020
है कोई मेरा जो ताप नापै (मुक्तक )
मंगलवार, 7 जनवरी 2020
नीति के दोहे मुक्तक
मशीन
कलयुग में कल की धूम ,कल से होते काम।
कल से जाए संदेशा , कल से निकलें दाम।।
काला धन
काले धन से खुल रहे , राजनीति के द्वार।
जनता को गुमराह कर , चाह सदन दरबार।।
© कवि : अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर ,कानपुर।
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