कवि : अशर्फी लाल मिश्र,अकबरपुर,कानपुर।
| Asharfi Lal Mishra |
विद्या
विद्या सदा उसे मिले, जिसे न घर का राग।
पल पल का मूल्य समझे,सुख का करता त्याग।।
★★★★★
लेखक : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर। अशर्फी लाल मिश्र ( 1943---) अनीर्णित युद्ध छोड़ देवव्रत से, भार्गव वापस आये महेंद्र गिरि। अपनी स...
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