शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2021

नीति के दोहे मुक्तक

कवि : अशर्फी लाल मिश्र  

अशर्फी लाल मिश्र





करक चतुर्थी 

नारी व्रतों में उत्तम ,करक चतुर्थी जान। 

चिर सुहागिन संदेशा ,इसकी मंशा मान।।


कवि : अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर ,कानपुर। 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

फूल गुलाब का

  लेखक : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर। अशर्फी लाल मिश्र (1943----) बगिया में इक फूल  गुलाब, देख माली कर रहा आदाब। भौरे  करते उसका  यशगा...