कवि : अशर्फी लाल मिश्र , अकबरपुर ,कानपुर।
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भार्गव राम - 3
लेखक : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।© अशर्फी लाल मिश्र (1943------) रमणीक शिखर विंध्याचल का, था खुला खजाना प्रकृति का। जानापाव नाम ...
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© लेखक : अशर्फी लाल मिश्र Asharfi Lal Mishra वियोगी होगा पहला कवि...
सीखप्रद सृजन..अति सुन्दर।
जवाब देंहटाएंबहिन मीना आप का बहुत बहुत आभार।
हटाएंयथार्थ वर्णित करती अच
जवाब देंहटाएंछी रचना ...
बहिन शरद जी आप का हृदय से आभार।
हटाएंबहिन अनीता आप का बहुत बहुत आभार।
जवाब देंहटाएंसार्थक मुक्तक - - दीपावली की असंख्य शुभकामनाएं - - नमन सह।
जवाब देंहटाएंबहुत बहुत हृदय से आभार
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