शुक्रवार, 3 दिसंबर 2021

नीति के दोहे (फ़ास्ट फ़ूड)

 द्वारा: अशर्फी लाल मिश्र

अशर्फी लाल मिश्र






फ़ास्ट फूड (Fast food)


फ़ास्ट फ़ूड  सेवन करे, ताहि मुटापा होय।

शरीर का पौरुष घटे, रोग अस्थमा सोय।।


©कवि : अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर,कानपुर।

गुरुवार, 2 दिसंबर 2021

नीति के दोहे मुक्तक

 द्वारा : अशर्फी लाल मिश्र

अशर्फी लाल मिश्र






चिंता

ज्यादा चिंता जो करै, रक्त चाप बढ़ जाय।

बिनु अग्नी जीवित जलै, जग में होत हसाय।।

भ्राता

बड़ा भ्राता पिता तुल्य,छोटा पूत समान।

भ्राता से न बैर कभी, दौलत ओछी जान।।


©कवि :अशर्फी लाल मिश्र,अकबरपुर,कानपुर।

मंगलवार, 30 नवंबर 2021

मुस्कान

द्वारा : अशर्फी लाल मिश्र 

खांड   सीठी ,  चीनी    सीठी, 
जब से देखी मुस्कान मिठाई।
तन  मन  में   वह  रम   गई, 
ऐसी  है वह मुस्कान मिठाई।। 

सोवत  जागत   भूले   नाहीं,
ऐसी मीठी मुस्कान मिठाई। 
ग्राहक भी स्वयं बिका बिका,
ऐसी है वह अमूल्य मिठाई।।

कवि : अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर ,कानपुर।  

गुरुवार, 18 नवंबर 2021

केश सज्जा

द्वारा : अशर्फी  लाल मिश्र 


बिखरे बाल बरबादी , बंधे बाल खुशाल। 

कटे बाल सम भाव के ,ऐसा केशन हाल।।


कवि : अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर ,कानपुर। 

शुक्रवार, 22 अक्टूबर 2021

नीति के दोहे मुक्तक

कवि : अशर्फी लाल मिश्र  

अशर्फी लाल मिश्र





करक चतुर्थी 

नारी व्रतों में उत्तम ,करक चतुर्थी जान। 

चिर सुहागिन संदेशा ,इसकी मंशा मान।।


कवि : अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर ,कानपुर। 

शनिवार, 16 अक्टूबर 2021

नीति के दोहे मुक्तक

 कवि : अशर्फी लाल मिश्र 

अशर्फी लाल मिश्र 

केश 
श्वेत   केश  तजुर्बे   के, काले  केश उमंग। 
काजल रेख नयन संग , मन में भरता रंग।।

 पाषाण हृदय

पाहन  हिय मृदुता  संग ,सरल ह्रदय बन  जाय। 
जिमि शैल खंड जल धार, रुचिर शिवांग कहाय।।

कवि : अशर्फी लाल मिश्र , अकबरपुर , कानपुर।  




गुरुवार, 7 अक्टूबर 2021

नीति के दोहे मुक्तक

 द्वारा :  अशर्फी लाल मिश्र 




अरे  माटी पुतले तू ,बन जाये  इंसान।
चंद कागज के टुकड़े , पर खोता ईमान।।

©कवि : अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर,कानपुर।  



 



  



 



भार्गव राम खण्डकाव्य - 61

  लेखक : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर। अशर्फी लाल मिश्र ( 1943---) अनीर्णित युद्ध छोड़ देवव्रत से, भार्गव वापस आये महेंद्र गिरि। अपनी  स...