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रविवार, 16 जनवरी 2022

राजनीति पर दोहे मुक्तक

 लेखक : अशर्फी लाल मिश्र

अशर्फी लाल मिश्र






राजनीति  की  नाव पर ,  चढ़ता जो असवार।

पिछड़े दलित शब्द सदा , राखै   दो   पतवार।।


रचयिता: अशर्फी लाल मिश्र , अकबरपुर, कानपुर।


भार्गव राम खण्डकाव्य - 61

  लेखक : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर। अशर्फी लाल मिश्र ( 1943---) अनीर्णित युद्ध छोड़ देवव्रत से, भार्गव वापस आये महेंद्र गिरि। अपनी  स...