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शनिवार, 5 फ़रवरी 2022

पैरों में लगी महावर आज

 --अशर्फी लाल मिश्र 

अशर्फी लाल मिश्र






बसंत भी आ धमका,

दल  बल  के   साथ।

सुरभित  पवन    भी ,

दे रहा उसका साथ।।


अवनि आज पीत बसना,

मुदित हो रही साथ साथ ।

टेसू   उत्सुक  दिखें आज,

केसरिया झंडा लिए हाथ।।


घर  घर   में  उत्सव  दूना,

बन  रहीं   रंगोली  आज।

युवतियां दिखें पीत बसना,

पैरों में लगी महावर आज।।


--अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।



भार्गव राम खण्डकाव्य - 61

  लेखक : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर। अशर्फी लाल मिश्र ( 1943---) अनीर्णित युद्ध छोड़ देवव्रत से, भार्गव वापस आये महेंद्र गिरि। अपनी  स...