लेखक : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।
| अशर्फी लाल मिश्र (1943------) |
रहती संकट में मातु साथ,
कहो राम क्या संकट आज।
क्यों नीर भरे नयनों में आज,
उठो पूत क्या संकट आज।।
माँ कहने में संकोच आज,
पितु आदेश कठिन आज।।
हर संकट में माता रहे साथ,
कहो पूत क्या संकट आज।।
पूत के कष्ट निवारण हेतु,
प्राणोंत्सर्ग भी कम जानो।
क्या पूत तुम्हारे पथ संकट?
तुरत निवारण उसका जानो।।
मातु आज कठिन परीक्षा भारी,
पितु आदेश कठिन अरु भारी।
कहो पूत क्या आदेश पति का,
पूत हमारा प्राणों से अति भारी।।
प्राणेश्वर का हो आदेश यदि,
काट शीश ले जाओ अभी।
माता रक्षक सदा हि पूत की,
कहो पूत पितु आदेश अभी।।
लेखक : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।©
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