शुक्रवार, 8 मई 2026

भार्गव राम - 6

 लेखक : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।

अशर्फी लाल मिश्र (1943-------)






आशीष मातु प्रात काल,

अरु पितु  अनुमति पाइ।

दादी चरण रज सिर धरि,

अरु दादहिं शीश झुकाइ।।


चल पड़े  राम हर्षित हुइ,

राजर्षि  विश्वामित्र साथ।

आगे आगे चलें  ऋषिवर,

अनुगामी राम साथ साथ।।


महर्षि आश्रम था बिसौल

 जिला मधुबनी बिहार में।

दूर की यात्रा  जान ऋषि,

चल रहे पवन की चाल में।।


 आश्रम निकट जनकपुर,

मिथिला  के साम्राज्य से।

सौ योजन की दूरी पर था,

जमदग्नि  के आवास  से।।


बीच बीच में मुड़कर देखें,

ऋषिवर जमद्गनि राम को।

कुछ पल में  निज आश्रम,

लिये भगिनी पौत्र राम को।।

लेखक : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर,कानपुर।©


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