रविवार, 4 अगस्त 2024

दोहे वर्षा आगमन पर

 लेखक एवं रचनाकार : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।

अशर्फी लाल मिश्र (1943-----)







वर्षा आगत जान के, झींगुर झिल्ली गान।

भेक  भी   हैँ  छेंड रहे, मीठी अपनी तान।।1।।

बनन बागन मयूर अब, नर्तन करते  झूमि।

मयूर  पंख  बिखर  रहे, मनु रत्न पड़े भूमि।।2।।

पानी बिन बेजान थे,उनमें  आई   जान।

ज्योंही बदरा झूम में, बरसे भूमिय आन।।3।।

लेखक एवं रचनाकार : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।©

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