गुरुवार, 17 मार्च 2022

दोहे होली पर

 --अशर्फी लाल मिश्र

अशर्फी लाल मिश्र






होली पर्व रंगों का, मन का मिटै मलाल।

कोई रंग  बरसाये, कोई   मले   गुलाल।।


--अशर्फी लाल मिश्र,अकबरपुर, कानपुर।

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भार्गव राम खण्डकाव्य - 47

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