शनिवार, 22 फ़रवरी 2020

मन को झकझोरें प्यारी तितलियां

Asharfi Lal Mishra 










आयो  वसंत   मन  मोहैं   तितलियां ।
उड़ती तितलियाँ मटकती तितलियां ।।

पथ पर  बल खाती  मोहैं  तितलियां ।
बनन में बागन  में उड़ती तितलियां ।।

कुंजन  में  बैठ  वे  झाँकें  तितलियां ।
मन में रस  भरती प्यारी  तितलियां ।।

लोगों  के  मन  को  मोहैं  तितलियां ।
हर   कोई    चाहे   पकड़ूँ   तितलियां ।।

 पकड़ में  जब  आ  जाती तितलियां ।
 बेरहम दिल  मसल  देते तितलियां  ।।

प्यारी तितलियाँ कोमल तितलियां  ।
मन को  झकझोरें प्यारी तितलियां ।।

© कवि : अशर्फी लाल मिश्र , अकबरपुर ,कानपुर।


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