रविवार, 15 अगस्त 2021

नीति के दोहे मुक्तक

                                                               श्री गणेशाय नमः 

 द्वारा : अशर्फी लाल मिश्र 

अशर्फी लाल मिश्र 

राजनीति 
अपराधी लड़े  चुनाव, नहि निर्भय मतदान। 
पराजित  हो अपराधी , वोटर खतरे  जान।।

 ©कवि : अशर्फी लाल मिश्र ,अकबरपुर,कानपुर। 


3 टिप्‍पणियां:

  1. चर्चा मंच में दो पंक्तियों के दोहे को सम्मिलित करने के लिए हम श्री रवींद्र_सिंह_यादव का आभार व्यक्त करते हैं।

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  2. भगवान् के आश्रय इस देश का हर परिवार

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  3. वाह वंदना शर्मा वाह।बहुत सटीक टिप्पणी।धन्यवाद।

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फूल गुलाब का

  लेखक : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर। अशर्फी लाल मिश्र (1943----) बगिया में इक फूल  गुलाब, देख माली कर रहा आदाब। भौरे  करते उसका  यशगा...