सोमवार, 17 फ़रवरी 2025

आगमन ऋतुराज का

 लेखक : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।

अशर्फी लाल मिश्र (1943------)







लागा  मास  फागुन  का, 

ऋतुराज    आ    धमका।

हाथ में  शोभित  जिसके,

लाल निशान किंशुक का।।


हरित वस्त्र हैं तन पर,

पीतांबर  ओढ़े  ऊपर।

स्वागत  गीत  गा  रही,

अमराई मध्य कोकिल।।


भ्रमर  बजायें शहनाई,

किसलय    बन्दनवार।

ऋतुराज के स्वागत में,

जगह जगह बन्दनवार।।


ऋतुराज आज उमंग में,

विजय पताका हाथ में।

सारी  धरा  चाह   रही,

राज  रहे  ऋतुराज का।।

- लेखक : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।©

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