शनिवार, 7 फ़रवरी 2026

दशमी का चाँद

 लेखक एवं रचनाकार : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।

अशर्फी लाल मिश्र (1943------)






दशमी   का   चाँद    ऐसा,

मनु नवल बधु का मुखड़ा।

कुछ      काल         ठहरो,

मत कहो किसी से दुखड़ा।।


संयम    राखो    मन     में,

उठ जायेगा परदा धीरे धीरे।

शम्मुख  होगी  शरद    पूनो,

होगी    चाल     धीरे     धीरे।।


मुस्कान      होगी     ऐसी।

जनु अमृत वरसे धीरे धीरे।।

— लेखक एवं रचनाकर: अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।©

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 लेखक एवं रचनाकार : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर। अशर्फी लाल मिश्र (1943------) दशमी   का   चाँद    ऐसा, मनु नवल बधु का मुखड़ा। कुछ     ...