बुधवार, 16 अगस्त 2023

नीति के दोहे मुक्तक

 -- लेखक एवं रचनाकार : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।

अशर्फी लाल मिश्र 






क्रोध

क्रोध  बैरी  आपन का, आपन ही तन खाय।

घर में सदा अशांति हो, रक्त  चाप बढ़ जाय।।


लेखक एवं रचनाकार : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।

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