शनिवार, 31 दिसंबर 2022

गुन गुनी धूप

 -- अशर्फी लाल मिश्र


अशर्फी लाल मिश्र 







बैठ लो कुछ क्षण

गुन गुनी धूप में,

आ रहा कुहरे का शासन

फिर मिली न मिली

- लेखक एवं रचनाकार : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर ।


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

दहशत में मानवता

  लेखक एवं रचनाकार : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।©  अशर्फी लाल मिश्र (1943-------) मानवता आज दहशत में, चहुँ ओर मचा  हाहाकार। दानवता अब...