रविवार, 17 जुलाई 2022

नीति के दोहे मुक्तक

 -- अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर ।

अशर्फी लाल मिश्र

चाह

अधम केवल धन चाहे, ज्ञानी  चाहे  मान।

नेता  को  कंचन कीर्ति, पाठक चाहे ज्ञान।।1।।

सरस्वती

रमा   का   वाहन उल्लू, हंस  जान  वागीश।

जाके कंठ गिरा बिराजे, कृपा जान जगदीश।।2।।

लेखक एवं रचनाकार - अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।

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