मंगलवार, 1 मार्च 2022

अध्यात्म पर दोहे

 -अशर्फी लाल मिश्र

अशर्फी लाल मिश्र






सतगुण तमगुण और रज, से चालित संसार।

चौथा  गुण  जो  जान  ले, बेड़ा  उसका पार।।


-कवि : अशर्फी लाल मिश्र , अकबरपुर, कानपुर।

2 टिप्‍पणियां:

फूल गुलाब का

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