बुधवार, 20 अप्रैल 2022

आँखें हमारी नीची न हों

 --अशर्फी लाल मिश्र

अशर्फी लाल मिश्र 






बुराई करो,

दुश्मनी करो, 

जम के करो।

पर रहे ख्याल इतना,

जब हों आमने सामने,

आँखे हमारी नीची न हों ।।


-अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर.



1 टिप्पणी:

भार्गव राम खण्डकाव्य - 27

  लेखक : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर। अशर्फी लाल मिश्र ( 1943--=) कार्तवीर्य अर्जुन  का बध कर, वापस   दिव्य  कामधेनु  राम। अभी   धेनु ...