सोमवार, 19 जून 2023

आओ नित ही योग करें

 -- अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।

अशर्फी लाल मिश्र 






आओ नित ही योग करें,

तन मन सदा नीरोग करें।

खुली जगह  में योग करें,

जीवन का सुख भोग करें।।


घर   में   हो   या   बाहर,

हर   कोई    मान     करे।

मन   में  रखिये   उत्कंठा,

दीर्घ   जीवन   जीने   की।।


योग     को     अपनाओ।

बना   लो  जीवन   शैली।।

-- लेखक एवं रचनाकार: अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।©


शुक्रवार, 9 जून 2023

भाई हो तो लक्ष्मण जैसा

 -- लेखक एवं रचनाकार : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।

अशर्फी लाल मिश्र 






भाई हो तो  लक्ष्मण जैसा,

 भ्रात हेतु सुख त्याग दिये।

हुआ था  वनवास राम का,

लक्ष्मण ने सुख त्याग दिये।।


हुआ वन  गमन राम का,

लक्ष्मण चल पड़े साथ में।

रक्षा  प्रण  लेकर  मन  में,

धनुष वाण थे साथ लिये।।


आगे आगे राम चलत हैं,

पीछे  पीछे   शेषावतारी।

मध्य सोहैँ जनक नंदिनी,

हो  पुष्पों  की वर्षा भारी।।

-- लेखक एवं रचनाकार : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।©

दहशत में मानवता

  लेखक एवं रचनाकार : अशर्फी लाल मिश्र, अकबरपुर, कानपुर।©  अशर्फी लाल मिश्र (1943-------) मानवता आज दहशत में, चहुँ ओर मचा  हाहाकार। दानवता अब...